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Currently viewing: Parva 14 -
Chapter 14.54
(35 verses)
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Sanskrit Text
यद्येवं
प्रतिगृह्णाति
भार्गवोऽमृतमद्य
वै
।
प्रदातुमेष
गच्छामि
भार्गवायामृतं
प्रभो
।
प्रत्याख्यातस्त्वहं
तेन
न
दद्यामिति
भार्गव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यदि + एवम् | प्रतिगृह्णाति | भार्गवो | ऽमृतम् | अद्य | वै
प्रदातुम् | एष | गच्छामि | भार्गव + अमृत | प्रभो
प्रत्याख्या + तु + मद् | तेन | न | दद्याम् | इति | भार्गव
प्रदातुम् | एष | गच्छामि | भार्गव + अमृत | प्रभो
प्रत्याख्या + तु + मद् | तेन | न | दद्याम् | इति | भार्गव