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Currently viewing: Parva 14 -
Chapter 14.54
(35 verses)
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Sanskrit Text
इत्युक्तस्तेन
स
मुनिस्तत्तोयं
नाभ्यनन्दत
।
चिक्षेप
च
स
तं
धीमान्वाग्भिरुग्राभिरच्युतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इति + वच् + तद् | स | मुनि + तद् | तोयं | न + अभिनन्द्
चिक्षेप | च | स | तं | धीमान् | वाग्भिर् | उग्राभिर् | अच्युतम्
चिक्षेप | च | स | तं | धीमान् | वाग्भिर् | उग्राभिर् | अच्युतम्