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Currently viewing: Parva 14 -
Chapter 14.22
(29 verses)
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Sanskrit Text
न
श्रोत्रं
बुध्यते
शब्दं
मया
हीनं
कथंचन
।
प्रवरं
सर्वभूतानामहमस्मि
सनातनम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | श्रोत्रं | बुध्यते | शब्दं | मया | हीनं | कथंचन
प्रभवं | सर्व + भूत | धारणं | धरणीधरम्
प्रभवं | सर्व + भूत | धारणं | धरणीधरम्