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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.95
(86 verses)
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Sanskrit Text
ततो
महर्षयः
प्रीतास्तथेत्युक्त्वा
पुरंदरम्
।
सहैव
त्रिदशेन्द्रेण
सर्वे
जग्मुस्त्रिविष्टपम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | महत् + ऋषि | प्री + तथा + इति + वच् | पुरंदरम्
सह + एव | त्रिदश + इन्द्र | सर्वे | गम् + त्रिविष्टप
सह + एव | त्रिदश + इन्द्र | सर्वे | गम् + त्रिविष्टप