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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.24
(101 verses)
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Sanskrit Text
अपवर्गे
तु
वैश्यस्य
श्राद्धकर्मणि
भारत
।
अक्षय्यमभिधातव्यं
स्वस्ति
शूद्रस्य
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अपवर्गे | तु | वैश्यस्य | श्राद्ध + कर्मन् | भारत
अक्षय्यम् | अभिधातव्यं | स्वस्ति | शूद्रस्य | भारत
अक्षय्यम् | अभिधातव्यं | स्वस्ति | शूद्रस्य | भारत