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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.18
(59 verses)
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Sanskrit Text
आदित्यचन्द्रावनिलानलौ
च;
द्यौर्भूमिरापो
वसवोऽथ
विश्वे
।
धातार्यमा
शुक्रबृहस्पती
च;
रुद्राः
ससाध्या
वरुणो
वित्तगोपः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आदित्य + चन्द्र + अनिल + अनल | च | द्यौर् | भूमिर् | आपो | वसवो | ऽथ | विश्वे
धातृ + अर्यमन् | शुक्र + बृहस्पति | च | रुद्राः | स + साध्य | वरुणो | वित्त + गोप
धातृ + अर्यमन् | शुक्र + बृहस्पति | च | रुद्राः | स + साध्य | वरुणो | वित्त + गोप