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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.17
(171 verses)
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Sanskrit Text
तरस्ताली
करस्ताली
ऊर्ध्वसंहननो
वहः
।
छत्रं
सुच्छत्रो
विख्यातः
सर्वलोकाश्रयो
महान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तरस्ताली | करस्ताली | ऊर्ध्वसंहननो | वहः
छत्रं | सु + छत्त्र | विख्यातः | सर्वलोकाश्रयो | महान्
छत्रं | सु + छत्त्र | विख्यातः | सर्वलोकाश्रयो | महान्