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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.128
(59 verses)
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Sanskrit Text
रहस्यश्रवणं
धर्मो
वेदव्रतनिषेवणम्
।
व्रतचर्यापरो
धर्मो
गुरुपादप्रसादनम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
रहस्य + श्रवण | धर्मो | वेद + व्रत + निषेवण
व्रत + चर्या + पर | धर्मो | गुरु + पाद + प्रसादन
व्रत + चर्या + पर | धर्मो | गुरु + पाद + प्रसादन