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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.117
(41 verses)
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Sanskrit Text
अहिंसा
परमो
यज्ञस्तथाहिंसा
परं
बलम्
।
अहिंसा
परमं
मित्रमहिंसा
परमं
सुखम्
।
अहिंसा
परमं
सत्यमहिंसा
परमं
श्रुतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अहिंसा | परमो | धर्म + तथा + अहिंसा | परं | तपः
अहिंसा | परमो | धर्म + तथा + अहिंसा | परं | तपः
अहिंसा | परमो | धर्म + तथा + अहिंसा | परं | तपः
अहिंसा | परमो | धर्म + तथा + अहिंसा | परं | तपः
अहिंसा | परमो | धर्म + तथा + अहिंसा | परं | तपः