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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.117
(41 verses)
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Sanskrit Text
नैनं
व्यालमृगा
घ्नन्ति
न
पिशाचा
न
राक्षसाः
।
मुच्यन्ते
भयकालेषु
मोक्षयन्ति
च
ये
परान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न + एनद् | व्याल + मृग | घ्नन्ति | न | पिशाचा | न | राक्षसाः
मुच्यन्ते | भय + काल | मोक्षयन्ति | च | ये | परान्
मुच्यन्ते | भय + काल | मोक्षयन्ति | च | ये | परान्