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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.112
(113 verses)
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Sanskrit Text
चोरयित्वा
नरः
पट्टं
त्वाविकं
वापि
भारत
।
क्षौमं
च
वस्त्रमादाय
शशो
जन्तुः
प्रजायते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
चोरयित्वा | नरः | पट्टं | तु + आविक | वा + अपि | भारत
क्षौमं | च | वस्त्रम् | आदाय | शशो | जन्तुः | प्रजायते
क्षौमं | च | वस्त्रम् | आदाय | शशो | जन्तुः | प्रजायते