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Currently viewing: Parva 13 -
Chapter 13.10
(70 verses)
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Sanskrit Text
अथ
दीर्घस्य
कालस्य
स
तप्यञ्शूद्रतापसः
।
वने
पञ्चत्वमगमत्सुकृतेन
च
तेन
वै
।
अजायत
महाराजराजवंशे
महाद्युतिः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अथ | दीर्घस्य | कालस्य | स | तप्यञ् | शूद्र + तापस
वने | पञ्चत्वम् | अगमत् | सुकृतेन | च | तेन | वै
अजायत | महत् + राजन् + वंश | महत् + द्युति
वने | पञ्चत्वम् | अगमत् | सुकृतेन | च | तेन | वै
अजायत | महत् + राजन् + वंश | महत् + द्युति