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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.84
(54 verses)
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Sanskrit Text
धर्मार्थकामज्ञमुपेत्य
पृच्छे;द्युक्तो
गुरुं
ब्राह्मणमुत्तमार्थम्
।
निष्ठा
कृता
तेन
यदा
सह
स्या;त्तं
तत्र
मार्गं
प्रणयेदसक्तम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
धर्म + अर्थ + काम + ज्ञ | उपेत्य | पृच्छेद् | युक्तो | गुरुं | ब्राह्मणम् | उत्तम + अर्थ
निष्ठा | कृता | तेन | यदा | सह | स्यात् | तं | तत्र | मार्गं | प्रणयेद् | असक्तम्
निष्ठा | कृता | तेन | यदा | सह | स्यात् | तं | तत्र | मार्गं | प्रणयेद् | असक्तम्