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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.84
(54 verses)
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Sanskrit Text
एतान्सहायाँल्लिप्सेथाः
सर्वास्वापत्सु
भारत
।
कुलीनः
पूजितो
नित्यं
न
हि
शक्तिं
निगूहति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतान् | सहायांल् | लिप्सेथाः | सर्व + आपद् | भारत
कुलीनः | पूजितो | नित्यं | न | हि | शक्तिं | निगूहति
कुलीनः | पूजितो | नित्यं | न | हि | शक्तिं | निगूहति