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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.39
(49 verses)
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Sanskrit Text
वृतः
सर्वैस्तदा
विप्रैराशीर्वादविवक्षुभिः
।
परंसहस्रै
राजेन्द्र
तपोनियमसंस्थितैः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | संवृ + तदा | विप्रैर् | आशीर्वाद + विवक्षु
परं | सहस्रै | राजन् + इन्द्र | तपस् + नियम + संस्था
परं | सहस्रै | राजन् + इन्द्र | तपस् + नियम + संस्था