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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.335
(89 verses)
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Sanskrit Text
अनेन
नूनं
वेदानां
कृतमाहरणं
रसात्
।
कस्यैष
को
नु
खल्वेष
किं
च
स्वपिति
भोगवान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अनेन | नूनं | वेदानां | कृतम् | आहरणं | रसात्
क + एतद् | को | नु | खलु + एतद् | किं | च | स्वपिति | भोगवान्
क + एतद् | को | नु | खलु + एतद् | किं | च | स्वपिति | भोगवान्