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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.329
(50 verses)
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Sanskrit Text
तस्यां
द्वैधीभूतायां
ब्रह्मवध्यायां
भयादिन्द्रो
देवराज्यं
परित्यज्य
अप्सु
संभवां
शीतलां
मानससरोगतां
नलिनीं
प्रपेदे
।
तत्र
चैश्वर्ययोगादणुमात्रो
भूत्वा
बिसग्रन्थिं
प्रविवेश
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्यां | द्वैधीभूतायां | ब्रह्मन् + वध्या | भयाद् | इन्द्रो | देव + राज्य | परित्यज्य | अप्सु | शीतलां | मानस + सरस् + गम् | नलिनीं | प्रपेदे
तत्र | च + ऐश्वर्य + योग | अणु + मात्र | भूत्वा | बिस + ग्रन्थि | प्रविवेश
तत्र | च + ऐश्वर्य + योग | अणु + मात्र | भूत्वा | बिस + ग्रन्थि | प्रविवेश