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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.289
(62 verses)
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Sanskrit Text
तमश्च
कष्टं
सुमहद्रजश्च;
सत्त्वं
च
शुद्धं
प्रकृतिं
परां
च
।
सिद्धिं
च
देवीं
वरुणस्य
पत्नीं;
तेजश्च
कृत्स्नं
सुमहच्च
धैर्यम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तमस् + च | कष्टं | सु + महत् | रजस् + च | सत्त्वं | च | शुद्धं | प्रकृतिं | परां | च
सिद्धिं | च | देवीं | वरुणस्य | पत्नीं | तेजस् + च | कृत्स्नं | सु + महत् + च | धैर्यम्
सिद्धिं | च | देवीं | वरुणस्य | पत्नीं | तेजस् + च | कृत्स्नं | सु + महत् + च | धैर्यम्