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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.255
(41 verses)
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Sanskrit Text
सर्वा
नद्यः
सरस्वत्यः
सर्वे
पुण्याः
शिलोच्चयाः
।
जाजले
तीर्थमात्मैव
मा
स्म
देशातिथिर्भव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सर्वा | नद्यः | सरस्वत्यः | सर्वे | पुण्याः | शिलोच्चयाः
जाजले | तीर्थम् | आत्मन् + एव | मा | स्म | देशातिथिर् | भव
जाजले | तीर्थम् | आत्मन् + एव | मा | स्म | देशातिथिर् | भव