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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.255
(41 verses)
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Sanskrit Text
स
स्म
पापकृतां
लोकान्गच्छेदशुभकर्मणा
।
प्रमाणमप्रमाणेन
यः
कुर्यादशुभं
नरः
।
पापात्मा
सोऽकृतप्रज्ञः
सदैवेह
द्विजोत्तम
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | स्म | पाप + कृत् | लोकान् | गच्छेद् | अशुभ + कर्मन्
प्रमाणम् | अप्रमाणेन | यः | कुर्याद् | अशुभं | नरः
पाप + आत्मन् | सो | अकृत + प्रज्ञा | सदा + एव + इह | द्विजोत्तम
प्रमाणम् | अप्रमाणेन | यः | कुर्याद् | अशुभं | नरः
पाप + आत्मन् | सो | अकृत + प्रज्ञा | सदा + एव + इह | द्विजोत्तम