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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.220
(118 verses)
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Sanskrit Text
किं
हि
कृत्वा
त्वमिन्द्रोऽद्य
किं
हि
कृत्वा
च्युता
वयम्
।
कालः
कर्ता
विकर्ता
च
सर्वमन्यदकारणम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
किं | हि | कृत्वा | त्वम् | इन्द्रो | ऽद्य | किं | हि | कृत्वा | च्युता | वयम्
कालः | कर्ता | विकर्ता | च | सर्वम् | अन्यद् | अकारणम्
कालः | कर्ता | विकर्ता | च | सर्वम् | अन्यद् | अकारणम्