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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.215
(37 verses)
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Sanskrit Text
असक्तं
धूतपाप्मानं
कुले
जातं
बहुश्रुतम्
।
अस्तम्भमनहंकारं
सत्त्वस्थं
समये
रतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
असक्तं | धू + पाप्मन् | कुले | जातं | बहु + श्रुत
अस्तम्भम् | अनहंकारं | सत्त्व + स्थ | समये | रतम्
अस्तम्भम् | अनहंकारं | सत्त्व + स्थ | समये | रतम्