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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.2
(29 verses)
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Sanskrit Text
अबुद्धिपूर्वं
भगवन्धेनुरेषा
हता
तव
।
मया
तत्र
प्रसादं
मे
कुरुष्वेति
पुनः
पुनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अबुद्धि + पूर्वम् | भगवन् | धेनुर् | एषा | हता | तव
मया | तत्र | प्रसादं | मे | कृ + इति | पुनः | पुनः
मया | तत्र | प्रसादं | मे | कृ + इति | पुनः | पुनः