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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.171
(61 verses)
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Sanskrit Text
विहरिष्याम्यनासक्तः
सुखी
लोकान्निरामयः
।
यथा
मा
त्वं
पुनर्नैवं
दुःखेषु
प्रणिधास्यसि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
विहृ + अनासक्त | सुखी | लोक + निरामय
यथा | मा | त्वं | पुनर् | न + एवम् | दुःखेषु | प्रणिधास्यसि
यथा | मा | त्वं | पुनर् | न + एवम् | दुःखेषु | प्रणिधास्यसि