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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.168
(53 verses)
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Sanskrit Text
यथा
मम
तथान्येषामिति
बुद्ध्या
न
मे
व्यथा
।
एतां
बुद्धिमहं
प्राप्य
न
प्रहृष्ये
न
च
व्यथे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यथा | मम | तथा + अन्य | इति | बुद्ध्या | न | मे | व्यथा
एतां | बुद्धिम् | अहं | प्राप्य | न | प्रहृष्ये | न | च | व्यथे
एतां | बुद्धिम् | अहं | प्राप्य | न | प्रहृष्ये | न | च | व्यथे