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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.133
(26 verses)
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Sanskrit Text
भयं
तस्य
न
मर्त्येभ्यो
नामर्त्येभ्यः
कथंचन
।
न
सतो
नासतो
राजन्स
ह्यरण्येषु
गोपतिः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भयं | तस्य | न | मर्त्येभ्यो | न + अमर्त्य | कथंचन
न | सतो | न + असत् | राजन् | स | हि + अरण्य | गोपतिः
न | सतो | न + असत् | राजन् | स | हि + अरण्य | गोपतिः