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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.133
(26 verses)
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Sanskrit Text
प्रहर्ता
मतिमाञ्शूरः
श्रुतवाननृशंसवान्
।
रक्षन्नक्षयिणं
धर्मं
ब्रह्मण्यो
गुरुपूजकः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रहर्ता | मतिमाञ् | शूरः | श्रुतवान् | अनृशंसवान्
रक्षन्न् | अक्षयिणं | धर्मं | ब्रह्मण्यो | गुरु + पूजक
रक्षन्न् | अक्षयिणं | धर्मं | ब्रह्मण्यो | गुरु + पूजक