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Currently viewing: Parva 12 -
Chapter 12.12
(36 verses)
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Sanskrit Text
अर्जुनस्य
वचः
श्रुत्वा
नकुलो
वाक्यमब्रवीत्
।
राजानमभिसंप्रेक्ष्य
सर्वधर्मभृतां
वरम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अर्जुनस्य | वचः | श्रुत्वा | नकुलो | वाक्यम् | अब्रवीत्
राजानम् | अभिसम्प्रेक्ष्य | सर्व + धर्म + भृत् | वरम्
राजानम् | अभिसम्प्रेक्ष्य | सर्व + धर्म + भृत् | वरम्