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Currently viewing: Parva 11 -
Chapter 11.27
(24 verses)
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Sanskrit Text
यस्येषुपातमासाद्य
नान्यस्तिष्ठेद्धनंजयात्
।
कथं
पुत्रो
भवत्यां
स
देवगर्भः
पुराभवत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यद् + इषु + पात | आसाद्य | न + अन्य | तिष्ठेद् | धनंजयात्
कथं | पुत्रो | भवत्यां | स | देव + गर्भ | पुरा + भू
कथं | पुत्रो | भवत्यां | स | देव + गर्भ | पुरा + भू