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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.96
(59 verses)
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Sanskrit Text
ततः
स
रथिनां
श्रेष्ठो
रथेनैकेन
वर्मभृत्
।
जगामानुमते
मातुः
पुरीं
वाराणसीं
प्रति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | स | रथिनां | श्रेष्ठो | रथ + एक | वर्मन् + भृत्
गम् + अनुमत | मातुः | पुरीं | वाराणसीं | प्रति
गम् + अनुमत | मातुः | पुरीं | वाराणसीं | प्रति