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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.94
(94 verses)
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Sanskrit Text
ततः
स
पितुरर्थाय
तामुवाच
यशस्विनीम्
।
अधिरोह
रथं
मातर्गच्छावः
स्वगृहानिति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | स | पितुर् | अर्थाय | ताम् | उवाच | यशस्विनीम्
अधिरोह | रथं | मातर् | गच्छावः | स्व + गृह | इति
अधिरोह | रथं | मातर् | गच्छावः | स्व + गृह | इति