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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.94
(94 verses)
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Sanskrit Text
यं
पुत्रमष्टमं
राजंस्त्वं
पुरा
मय्यजायिथाः
।
स
तेऽयं
पुरुषव्याघ्र
नयस्वैनं
गृहान्तिकम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यं | पुत्रम् | अष्टमं | राजन् + त्वद् | पुरा | मद् + जन्
स | ते | ऽयं | पुरुष + व्याघ्र | नी + एनद् | गृह + अन्तिक
स | ते | ऽयं | पुरुष + व्याघ्र | नी + एनद् | गृह + अन्तिक