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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.92
(55 verses)
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Sanskrit Text
त्वामहं
कामये
राजन्कुरुश्रेष्ठ
भजस्व
माम्
।
त्यागः
कामवतीनां
हि
स्त्रीणां
सद्भिर्विगर्हितः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्वाम् | अहं | कामये | राजन् | कुरु + श्रेष्ठ | भजस्व | माम्
त्यागः | कामवतीनां | हि | स्त्रीणां | सद्भिर् | विगर्हितः
त्यागः | कामवतीनां | हि | स्त्रीणां | सद्भिर् | विगर्हितः