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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.92
(55 verses)
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Sanskrit Text
ततः
प्रतीपो
राजा
स
सर्वभूतहिते
रतः
।
निषसाद
समा
बह्वीर्गङ्गातीरगतो
जपन्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
बभूव | राजन् | धर्मात्मा | सर्व + भूत + हित | रतः
निषसाद | समा | बह्वीर् | गङ्गा + तीर + गम् | जपन्
निषसाद | समा | बह्वीर् | गङ्गा + तीर + गम् | जपन्