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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.91
(22 verses)
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Sanskrit Text
ततः
कदाचिद्ब्रह्माणमुपासां
चक्रिरे
सुराः
।
तत्र
राजर्षयो
आसन्स
च
राजा
महाभिषः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | कदाचिद् | ब्रह्माणम् | उपासां | चक्रिरे | सुराः
तत्र | राजर्षय | आसन् | स | च | राजा | महाभिषः
तत्र | राजर्षय | आसन् | स | च | राजा | महाभिषः