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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.71
(58 verses)
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Sanskrit Text
मैवं
शुचो
मा
रुद
देवयानि;
न
त्वादृशी
मर्त्यमनुप्रशोचेत्
।
सुराश्च
विश्वे
च
जगच्च
सर्व;मुपस्थितां
वैकृतिमानमन्ति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मा + एवम् | शुचो | मा | रुद | देवयानि | न | त्वादृशी | मर्त्यम् | अनु + प्रशुच्
सुर + च | विश्वे | च | जगन्त् + च | सर्वम् | उपस्थितां | वैकृतिम् | आनमन्ति
सुर + च | विश्वे | च | जगन्त् + च | सर्वम् | उपस्थितां | वैकृतिम् | आनमन्ति