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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.61
(102 verses)
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Sanskrit Text
द्रौपदेयाश्च
ये
पञ्च
बभूवुर्भरतर्षभ
।
विश्वेदेवगणान्राजंस्तान्विद्धि
भरतर्षभ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
द्रौपदेय + च | ये | पञ्च | बभूवुर् | भरत + ऋषभ
विश्वेदेव + गण | राजन् + तद् | विद्धि | भरत + ऋषभ
विश्वेदेव + गण | राजन् + तद् | विद्धि | भरत + ऋषभ