Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.61
(102 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
अग्नेरंशं
तु
विद्धि
त्वं
धृष्टद्युम्नं
महारथम्
।
शिखण्डिनमथो
राजन्स्त्रीपुंसं
विद्धि
राक्षसम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अग्नेर् | अंशं | तु | विद्धि | त्वं | धृष्टद्युम्नं | महत् + रथ
शिखण्डिनम् | अथो | राजन् | स्त्री + पुंस् | विद्धि | राक्षसम्
शिखण्डिनम् | अथो | राजन् | स्त्री + पुंस् | विद्धि | राक्षसम्