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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.57
(106 verses)
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Sanskrit Text
तथैव
धृष्टद्युम्नोऽपि
साक्षादग्निसमद्युतिः
।
वैताने
कर्मणि
तते
पावकात्समजायत
।
वीरो
द्रोणविनाशाय
धनुषा
सह
वीर्यवान्
॥
English Translation
Then was born, from the sacrificial fire, Dhristadyumna, as effulgent as the fire itself.
Padaccheda (Word Analysis)
तथा + एव | धृष्टद्युम्नो | ऽपि | साक्षाद् | अग्नि + सम + द्युति
वैताने | कर्मणि | तते | पावकात् | समजायत
वीरो | द्रोण + विनाश | धनुषा | सह | वीर्यवान्
वैताने | कर्मणि | तते | पावकात् | समजायत
वीरो | द्रोण + विनाश | धनुषा | सह | वीर्यवान्