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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.57
(106 verses)
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Sanskrit Text
अनन्तमचलं
देवं
हंसं
नारायणं
प्रभुम्
।
धातारमजरं
नित्यं
तमाहुः
परमव्ययम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अनन्तम् | अचलं | देवं | हंसं | नारायणं | प्रभुम्
धातारम् | अजरं | नित्यं | तम् | आहुः | परम् | अव्ययम्
धातारम् | अजरं | नित्यं | तम् | आहुः | परम् | अव्ययम्