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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.47
(25 verses)
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Sanskrit Text
ऋद्ध्या
परमया
युक्तमिष्टं
द्विजगणायुतम्
।
प्रभूतधनधान्याढ्यमृत्विग्भिः
सुनिवेशितम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ऋद्ध्या | परमया | युक्तम् | इष्टं | द्विज + गण + आयुत
प्रभू + धन + धान्य + आढ्य | ऋत्विग्भिः | सुनिवेशितम्
प्रभू + धन + धान्य + आढ्य | ऋत्विग्भिः | सुनिवेशितम्