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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.43
(39 verses)
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Sanskrit Text
सुखमस्म्युषितो
भद्रे
ब्रूयास्त्वं
भ्रातरं
शुभे
।
इतो
मयि
गते
भीरु
गतः
स
भगवानिति
।
त्वं
चापि
मयि
निष्क्रान्ते
न
शोकं
कर्तुमर्हसि
॥
English Translation
When I am gone, and on my going away, you should also not grieve for me, that I have left you
Padaccheda (Word Analysis)
सुखम् | अस् + वस् | भद्रे | ब्रू + त्वद् | भ्रातरं | शुभे
इतो | मयि | गते | भीरु | गतः | स | भगवान् | इति
त्वं | च + अपि | मयि | निष्क्रान्ते | न | शोकं | कर्तुम् | अर्हसि
इतो | मयि | गते | भीरु | गतः | स | भगवान् | इति
त्वं | च + अपि | मयि | निष्क्रान्ते | न | शोकं | कर्तुम् | अर्हसि