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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.41
(30 verses)
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Sanskrit Text
तपो
वाप्यथ
वा
यज्ञो
यच्चान्यत्पावनं
महत्
।
तत्सर्वं
न
समं
तात
संतत्येति
सतां
मतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तपो | वा + अपि + अथवा | यज्ञो | यद् + च + अन्य | पावनं | महत्
तत् | सर्वं | न | समं | तात | संतति + इति | सतां | मतम्
तत् | सर्वं | न | समं | तात | संतति + इति | सतां | मतम्