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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.39
(33 verses)
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Sanskrit Text
ते
चैनमन्ववर्तन्त
मन्त्रिणः
कालचोदिताः
।
एवमुक्त्वा
स
राजेन्द्रो
ग्रीवायां
संनिवेश्य
ह
।
कृमिकं
प्राहसत्तूर्णं
मुमूर्षुर्नष्टचेतनः
॥
English Translation
The monarch smiled and placed the insect on his head. His hour (of death) having come, he lost his senses.
Padaccheda (Word Analysis)
ते | च + एनद् | अन्ववर्तन्त | मन्त्रिणः | काल + चोदय्
एवम् | उक्त्वा | स | राजन् + इन्द्र | ग्रीवायां | संनिवेश्य | ह
कृमिकं | प्राहसत् | तूर्णं | मुमूर्षुर् | नश् + चेतना
एवम् | उक्त्वा | स | राजन् + इन्द्र | ग्रीवायां | संनिवेश्य | ह
कृमिकं | प्राहसत् | तूर्णं | मुमूर्षुर् | नश् + चेतना