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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.39
(33 verses)
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Sanskrit Text
ततो
राजा
ससचिवः
फलान्यादातुमैच्छत
।
यद्गृहीतं
फलं
राज्ञा
तत्र
कृमिरभूदणुः
।
ह्रस्वकः
कृष्णनयनस्ताम्रो
वर्णेन
शौनक
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | राजा | स + सचिव | फल + आदा | ऐच्छत
यद् | गृहीतं | फलं | राज्ञा | तत्र | कृमिर् | अभूद् | अणुः
ह्रस्वकः | कृष्ण + नयन + ताम्र | वर्णेन | शौनक
यद् | गृहीतं | फलं | राज्ञा | तत्र | कृमिर् | अभूद् | अणुः
ह्रस्वकः | कृष्ण + नयन + ताम्र | वर्णेन | शौनक