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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.224
(32 verses)
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Sanskrit Text
नैव
भार्येति
विश्वासः
कार्यः
पुंसा
कथंचन
।
न
हि
कार्यमनुध्याति
भार्या
पुत्रवती
सती
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न + एव | भार्या + इति | विश्वासः | कार्यः | पुंसा | कथंचन
न | हि | कार्यम् | भार्या | पुत्रवती | सती
न | हि | कार्यम् | भार्या | पुत्रवती | सती