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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.224
(32 verses)
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Sanskrit Text
सुव्रतापि
हि
कल्याणी
सर्वलोकपरिश्रुता
।
अरुन्धती
पर्यशङ्कद्वसिष्ठमृषिसत्तमम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सुव्रत + अपि | हि | कल्याणी | सर्व + लोक + परिश्रु
पुरोहित + वर | प्राप्य | वसिष्ठम् | ऋषि + सत्तम
पुरोहित + वर | प्राप्य | वसिष्ठम् | ऋषि + सत्तम