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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.223
(25 verses)
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Sanskrit Text
त्वमन्नं
प्राणिनां
भुक्तमन्तर्भूतो
जगत्पते
।
नित्यं
प्रवृद्धः
पचसि
त्वयि
सर्वं
प्रतिष्ठितम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्वम् | अन्नं | प्राणिनां | भुक्तम् | अन्तर्भूतो | जगत्पते
नित्यं | प्रवृद्धः | पचसि | त्वयि | सर्वं | प्रतिष्ठितम्
नित्यं | प्रवृद्धः | पचसि | त्वयि | सर्वं | प्रतिष्ठितम्