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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.215
(19 verses)
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Sanskrit Text
पौरुषेण
तु
यत्कार्यं
तत्कर्तारौ
स्व
पावक
।
करणानि
समर्थानि
भगवन्दातुमर्हसि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पौरुषेण | तु | यत् | कार्यं | तत् | कर्तारौ | पावक
करणानि | समर्थानि | भगवन् | दातुम् | अर्हसि
करणानि | समर्थानि | भगवन् | दातुम् | अर्हसि