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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.215
(19 verses)
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Sanskrit Text
धनुर्मे
नास्ति
भगवन्बाहुवीर्येण
संमितम्
।
कुर्वतः
समरे
यत्नं
वेगं
यद्विषहेत
मे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
धनुर् | मे | न + अस् | भगवन् | बाहु + वीर्य | संमितम्
कुर्वतः | समरे | यत्नं | वेगं | यद् | विषहेत | मे
कुर्वतः | समरे | यत्नं | वेगं | यद् | विषहेत | मे